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नायब सैनी सरकार ने किसानों के खातों गेहूं की फसल की राशि की जारी, जींद के किसानों हेतु की गई करोड़ों रुपए की राशि जारी

Naib Saini government released the amount of wheat crop in the accounts of farmers, amount of crores of rupees released for the farmers of Jind.
 
Naib Saini government

haryana hindi news:हरियाणा प्रदेश के किसान अपनी गेहूं की फसलों को निकाल कर एमएसपी रेट पर बेचने हेतु मंडी ले जाने लगे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से किसानों द्वारा काफी मात्रा में गेहूं मंडी लाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने भी किसानों की गेहूं की तुरंत खरीदारी कर पैसे खाते में डालने शुरू कर दिए हैं। अगर हम जींद जिले की बात करें तो जिले में गेहूं की आवक पिछले एक सप्ताह से शुरू हुई है। जिसके चलते अब तक जिलेभर की सभी मंडियों में 814210 क्विंटल की आवक हो चुकी है।

यह आवक पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। जिसके चलते आज के दिन तक बीते वर्ष में 1804910 क्विंटल की खरीद हो चुकी थी। इसी तरह से मंडी में वर्तमान दिन में 29350 क्विंटल की खरीद हुई है, जबकि बीते वर्ष आज के दिन 583300 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी थी।
 खरीद के मामले में अब तक सफीदों की मंडी सबसे आगे है। जिसमें किसानों की 209100 क्विंटल की खरीद हुई है। इसके अलावा दूसरे स्थान पर उचाना मंडी में लगभग 190730 क्ंविंटल गेहूं की आवक हुई। तीसरे स्थान पर पिल्लूखेड़ा मंडी रही जिसमें अब तक 178740 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। इसके अलावा उठान भी सभी मंडियों से 59260 क्विंटल हो चुका है। अब तक उठान आवका का लगभग आठ प्रतिशत हुआ है।

इसमें फू ड सप्लाई ने 1962, हैफेड ने 4056, एफसीआई ने 12, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन ने 2124 किसानों से गेहूं की खरीद की। जिसके चलते अब तक 8154 किसानों से गेहूं खरीदा गया। अब तक कुल दस करोड़ रुपये की किसानों को गेहूं खरीद की पेमेंट हुई है। किसानों की प्रतिदिन पेमेंट विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। उठान के 72 घंटे के बाद किसानों को पेमेंट खरीद एजेंसियों द्वारा जारी की जाती है।
नहीं होने दी जाएगी किसानों को परेशानी


जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी निशांत राठी ने बताया कि मंडी में गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी खरीद एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। मंडी में गेहूं को सुखाकर किसान लाएं ताकि आते ही उनकी गेहूं को बेचा जा सके। गेहूं में नमी की 12 प्रतिशत मात्रा निर्धारित की गई है। किसानों की पेमेंट भी साथ के साथ डलवाई जा रही है।