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किसान भाई  नरमा, कपास की बिजाई के दौरान बिज की वैरायटी के साथ-साथ रखें इन विशेष बातों का ध्यान, 1 एकड़ में होगी 50 मण से अधिक पैदावार

Farmer brother Narma, while sowing cotton, keep these special things in mind along with the variety of the seed, the yield in 1 acre will be more than 50 maunds.
 


किसान भाई नरमा और कपास की फसल की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। आज हम आपको नरमा कपास की फसल की बुवाई के दौरान ध्यान रखने वाली कुछ विशेष बातों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन विशेष बातों का ध्यान रखकर नरमा, कपास की खेती करने पर किसान भाइयों को बंपर पैदावार हो सकती है। किसान भाई बिजाई करने से पहले बिज की वैरायटी के बारे में जानना बहुत जरूरी है।


किसान साथी ऐसी वैरायटी का चयन करें जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा हो और उत्पादन अच्छा हो। पिछले साल की बात करें तो किसान साथी को नरमा और कपास की अच्छी वैरायटी का बिज न मिलने के कारण बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में इस साल बिजाई करने से पहले किसान साथी एक अच्छे और बढ़िया क्वालिटी के बीज का चयन करें। किसान साथियों को सबसे टॉप और बढ़िया वैरायटी के बारे में जानना बहुत जरूरी है। जो भी किसान साथी बंपर पैदावार लेना चाहता है, वह इन 6 वैरायटी के बारे में जान ले। सबसे ज्यादा पैदावार देने वाली वैरायटी में राशि 773 के बीज की है।

इस वैरायटी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है और टिंडे का साइज भी बड़ा होता है। इस वैरायटी के बीज में पौधे की ग्रोथ ज्यादा होती है। इस वैरायटी के बीज की आप अपने खेत में अगर बुवाई करना चाहते हैं तो पौधे से पौधे की दूरी 3+3 स्क्वायर फीट होनी चाहिए। इसमें लीफ करलीव वायरस के प्रति सहनशक्ति होती है। जिसे इसमें नुकसान होने के कम चांस रहते हैं।

दूसरी वैरायटी की बात करें तो वह वैरायटी है राशी 926 मानी जाती है। यह मीडियम टाइप की जमीन में बहुत ज्यादा कारगर है।

इसमें जैसे-जैसे पौधे के बडवार होती है वैसे ही टिंडे लगने शुरू हो जाते हैं और पैदावार बहुत ज्यादा होती है। इस वैरायटी में भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है। यह कम पानी और हल्की मिट्टी में कारगर होने के साथ-साथ ट्यूबवेल के पानी से भी बहुत अच्छी पैदावार देने वाली वैरायटी है। यह  पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और एमपी में भी बहुत ज्यादा प्रयोग में लाई जाती हैं। नरम, कपास के  उत्तम बीज में तीसरी वैरायटी है अजीत 177 मानी जाती है। यह वैरायटी बहुत ही बढ़िया है और रोगो के प्रति इसमे प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा है। पिछले वर्ष की बात करें तो इस वैरायटी ने किसानों को बहुत ही बढ़िया उत्पादन दिया था। गुलाबी सुंडी हरातेला थरिप्स का रोग भी इस वैरायटी में देखने को नहीं मिला था।

पौधे की हाइट बहुत अच्छी होती है और वजन में भी और वैरियटीयों के मुकाबले बहुत ज्यादा होता है। यह हल्की और दोमट मिट्टी में कारगर है। यह अच्छे पानी की वैरायटी है। बीजों की वैरायटी में नंबर चार पर टाटा दिग्गज आती है। इसके पौधे की लंबाई और फैलाओ बहुत ज्यादा होता है। यह वैरायटी भी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सहनशील है। यह पिछले साल भी बहुत ही बढ़िया  वैरायटीयो में से एक थी और यह वैरायटी हल्की और दोमट मिट्टी में भी कारगर है।  नंबर पांच US 51 मानी जाती है। यह वैरायटी भी हल्की मिट्टी और हल्के पानी में भी बहुत बढ़िया कारगर है।  इसके पौधे की लंबाई और फैलाव भी बहुत अच्छा है।  इसकी बोल का साइज थोड़ा छोटा होता है

और उत्पादन बहुत बढ़िया होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी बहुत बढ़िया वैरायटी है। 
नंबर 6 नजीबडु की टैलेंट वैरायटी को माना जाता है। यह भी बहुत टॉप की वैरायटी है यह बिरानी जमीन में भी बहुत बढ़िया कारगर है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत बढ़िया है। इसके पौधे की लंबाई और चौड़ाई बहुत अच्छी होती है और पिछले साल की बात करें तो इस वैरायटी में रोग न के बराबर थे और पैदावार बहुत अच्छी दी थी। किसान साथी  बिजाई करने से पहले मौसम का खासकर ध्यान रखें और सही टाइम पर बिजाई करें। खाद स्प्रे भी सही टाइम टू टाइम दें। बंपर पैदावार लेने के लिए किसान साथी बहुत ही सोच समझकर अच्छे बीज का चुनाव करें।