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Gehu Ka Market Price: गेहूं के दाम ने मचाया तहलका, एक ही दिन में लाखों टन हाथों-हाथ बिके

सरकार ने गेहूं की बिक्री को बढ़ाकर 4 लाख टन कर दिया ताकि बाजार में पर्याप्त सप्लाई हो सके लेकिन इसके बावजूद कीमतें काबू में नहीं आ रही हैं। इस हफ्ते की सबसे बड़ी ई-नीलामी (e-auction for wheat selling) में मात्र एक ही दिन में 3,99,940 टन गेहूं हाथों-हाथ बिक गया! अब ये देख किसानों की तो बल्ले-बल्ले हो गई लेकिन आम आदमी के लिए ये चिंता की बात बन गई है।
 

Gehu Ka Market Price: अगर आपको लगा था कि फरवरी के अंत तक गेहूं के दाम (gehu ka bhav) हल्के हो जाएंगे तो भाई साहब आप गलत थे! नए गेहूं की आवक (new wheat arrival) नजदीक होने के बावजूद बाजार में गेहूं की कीमतें रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। अब तो आलम ये है कि मंडियों में गेहूं की इतनी डिमांड बढ़ गई है कि खरीददार (buyers) स्टॉक खाली करने पर तुले हुए हैं।

गेहूं की बिक्री में जबरदस्त उछाल

गेहूं की बढ़ती मांग ने सभी को चौका दिया है। इस बार सरकार ने गेहूं की बिक्री को बढ़ाकर 4 लाख टन कर दिया ताकि बाजार में पर्याप्त सप्लाई हो सके लेकिन इसके बावजूद कीमतें काबू में नहीं आ रही हैं। इस हफ्ते की सबसे बड़ी ई-नीलामी (e-auction for wheat selling) में मात्र एक ही दिन में 3,99,940 टन गेहूं हाथों-हाथ बिक गया! अब ये देख किसानों की तो बल्ले-बल्ले हो गई लेकिन आम आदमी के लिए ये चिंता की बात बन गई है।

भारतीय खाद्य निगम का नया दांव

भारतीय खाद्य निगम (FCI - Food Corporation of India) लगातार गेहूं की कीमतों पर कंट्रोल लाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए सरकार ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत गेहूं बेच रही है ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। इस नीलामी प्रक्रिया (auction process) में ई-नीलामी के जरिए प्रोसेसर्स और मिलर्स (processors and millers) को गेहूं बेचा जाता है।

लेकिन जनाब, सरकार की नीलामी स्कीम भी गेहूं के दामों को काबू में नहीं ला पा रही। हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुई नीलामी (wheat auction in UP) में गेहूं की कीमत 3,160 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जबकि न्यूनतम बोली 2,960 रुपये प्रति क्विंटल थी।

गेहूं के दाम बढ़ने के पीछे ये हैं बड़े कारण

प्रोसेसर्स को छूट: पहले प्रति नीलामी एक खरीदार सिर्फ 152 टन गेहूं खरीद सकता था, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 400 टन कर दिया गया है। इसका मतलब, प्रोसेसर्स (flour mill owners) खुलकर गेहूं खरीद रहे हैं, जिससे मांग बढ़ गई है।

सरकार की नीलामी पॉलिसी: सरकार ने घोषणा कर दी है कि मार्च के बाद ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत गेहूं की नीलामी बंद हो सकती है। बस फिर क्या था, अफवाहों ने बाजार में आग लगा दी और व्यापारी स्टॉक खींचने में लग गए।

मौसम का खेल: फरवरी-मार्च के टेम्परेचर को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है। ज्यादा गर्मी गेहूं के उत्पादन पर असर डाल सकती है, इसी डर से व्यापारी एडवांस में गेहूं खरीद रहे हैं।

किस राज्य में कितना गेहूं नीलाम हुआ?

पंजाब: 62,003 टन

उत्तर प्रदेश: 58,003 टन

हरियाणा: 36,005 टन

राजस्थान: 33,503 टन

मध्य प्रदेश: 25,004 टन

बिहार: 24,005 टन

पश्चिम बंगाल: 23,954 टन

गेहूं का ताजा भाव (latest wheat price)

अब जरा नजर डालते हैं अलग-अलग राज्यों में गेहूं के रेट (wheat rate) पर:

कर्नाटक: 3,022 रुपये प्रति क्विंटल

राजस्थान: 3,030 रुपये प्रति क्विंटल

बिहार: 2,805 रुपये प्रति क्विंटल

पश्चिम बंगाल: 2,838 रुपये प्रति क्विंटल

हरियाणा: 3,336 रुपये प्रति क्विंटल

दिल्ली: 2,873 रुपये प्रति क्विंटल

पंजाब: 2,612 रुपये प्रति क्विंटल

प्रोसेसिंग यूनिट्स पूरी तरह नीलामी पर निर्भर

छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश (MP wheat mandi price) में नई फसल की आवक हो रही है, लेकिन मिलर्स (millers) पूरी तरह नीलामी के गेहूं पर निर्भर हो गए हैं। चूंकि लोकल मंडियों में आवक कम है, इसलिए प्रोसेसिंग यूनिट्स सिर्फ सरकारी नीलामी से गेहूं उठा रही हैं। हाल ही में वहां 131 टन गेहूं की आवक हुई, जिसमें कीमतें 3035 से 3199 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं।