बिहार सरकार की नई योजना ! कोल्ड स्टोरेज खोलने पर मिलेगा 50% अनुदान
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है, जिसके तहत नए कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर 50% अनुदान की सुविधा दी जाएगी। इस योजना के तहत किसानों और उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में आसानी होगी, जिससे उनकी उपज को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
1. सिंगल विंडो सिस्टम से लाइसेंस व्यवस्था
बिहार सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कोल्ड स्टोरेज के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इसके माध्यम से संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिससे लाइसेंस प्राप्त करना और भी आसान हो जाएगा।
2. अनुदान की सुविधा
सरकार ने कोल्ड स्टोरेज खोलने के लिए 50% अनुदान का प्रावधान किया है, जिससे उद्यमियों को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
लाभार्थी जिलों की सूची
मधुबनी, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, जमुई, मुंगेर, जहानाबाद, लखीसराय, शेखपुरा, अरवल, शिवहर।
3. मौजूदा कोल्ड स्टोरेज की स्थिति
वर्तमान में, बिहार में 202 कोल्ड स्टोरेज हैं जिनकी कुल क्षमता 12,30,176 मीट्रिक टन है। हालांकि, 12 जिलों में एक भी कोल्ड स्टोरेज नहीं है, इसलिए सरकार इन जिलों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना पर जोर दे रही है।
गोदाम निर्माण के लिए अनुदान
सरकार ने गोदाम निर्माण के लिए भी अनुदान की व्यवस्था की है, जो कि सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए अलग-अलग है।
श्रेणी क्षमता (मीट्रिक टन) लागत (लाख रुपये) सब्सिडी (%) सब्सिडी राशि (लाख रुपये)
सामान्य वर्ग 100 14.20 40% 5.50
सामान्य वर्ग 200 20.25 40% 8.00
अनुसूचित जाति/जनजाति 100 14.20 50% 7.00
अनुसूचित जाति/जनजाति 200 20.25 50% 10.00
आवेदन और चयन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन की तारीख: 1 अगस्त 2024 से 31 अगस्त 2024 तक।
लॉटरी की तारीख: 6 सितंबर 2024।
वेरिफिकेशन: 7 सितंबर से 14 सितंबर 2024।
अंतिम चयन की तारीख: 18 सितंबर 2024।
आवेदन के लिए DBT पोर्टल पर जाएं। ध्यान दें कि पहले से लाभान्वित किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। चयन लॉटरी के माध्यम से होगा और अयोग्य पाए जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची से चयन किया जाएगा।
बिहार सरकार की यह योजना राज्य में कोल्ड स्टोरेज की कमी को पूरा करने और कृषि उत्पादों के संरक्षण को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसानों और उद्यमियों को इस योजना का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी बल्कि उनकी उपज की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।