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Lakhpati Didi Scheme: 2 करोड़ महिलाओं को सरकार बनाएगी लखपति 

जानिए इस योजना से महिलाओं को क्या मिलेगा लाभ 
 
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Lakhpati Didi Scheme: भारत सरकार ने अपने अंतरिम बजट 2024 में किसानों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी अहम घोषणा की है। इस घोषणा के तहत महिलाओं को लखपति बनने का मौका मिलेगा। मोदी सरकार ने इस बजट में लखपति दीदी योजना शुरू किया था, उसका लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया है। जिसमें से एक करोड़ महिलाओं को पहले से लखपति बनाया जा चुका है। अब शेष 2 करोड़ महिलाओं को लखपति बनने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। इससे देश की महिलाओं को लाभ होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

भारत सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। ऐसे में भारत सरकार देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, खास कर महिलाओं को। इसके लिए सरकार ने लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Scheme) शुरू की है। इस योजना के तहत महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अपने स्वयं के व्यवसाय से अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकेगी।

आखिर क्या है लखपति दीदी योजना (What is Lakhpati Didi Scheme):
लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Scheme) को कई राज्यों में शुरू कर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार प्रदान करके उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके लिए लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इसमें महिलाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग (Drone pilot training) के अलावा अन्य प्रकार के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिससे वह अपनी इनकम को बढ़ा सकें। इस योजना पर सरकार बजट 2024 में नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है।

किन-किन महिलाओं को मिलेगा लखपति दीदी योजना का लाभ (Which women will get the benefit of Lakhpati Didi Scheme):
लखपति दीदी योजना का लाभ स्वयं सहायता समूह (Self help group) से जुड़ी महिलाओं को दिया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाओं को एलईडी बल्ब बनाना, प्लंबिंग, ड्रोन संचालन व मरम्मत का प्रशिक्षण (Drone operation and repair training) दिया जाएगा। इस सब में महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग को खास माना जा रहा है और इस दिशा में सरकार काफी जोर दे रही है जिससे महिलाओं की आय में बढ़ोतरी की जा सके और उन्हें लखपति बनाया जा सके।

ड्रोन संचालन के लिए कैसे मिलेगी महिलाओं को ट्रेनिंग (How will women get training to operate drones):
महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 18 साल से अधिक आयु की महिलाएं भाग ले सकेंगी। इस योजना के तहत पायलट महिला को 15,000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय भी दिया जाएगा। इसके साथ ही महिला पायलेट की सहायता के लिए को-पायलट भी रहेगी जिसे 10,000 रुपए का मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। इसी प्रकार कुछ महिलाओं को ड्रोन की मरम्मत के काम की ट्रेनिंग दी जाएगी जिसके लिए सरकार की ओर से उन्हें प्रतिमाह 5,000 रुपए का मानदेय दिया जाएगा। इस तरह महिलाओं को ड्रोन उड़ाने व उसकी मरम्मत के काम के लिए सरकार की ओर से मानदेय देकर उनकी आय में बढ़ोतरी की जाएगी।

ड्रोन से कैसे होगी महिलाओं को कमाई (How will women earn from drones):
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन खरीदने के लिए सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी। ड्रोन खरीदकर स्वयं सहायता समूह किसानों को कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन किराये पर देकर कमाई कर सकती हैं। इसके लिए प्रति घंटा के हिसाब से किराया चार्ज किया जाता है। ऐसे में किसान ड्रोन किराये की दर निर्धारित करके उस दर पर ड्रोन को किराये पर देकर काफी अच्छी कमाई कर सकती है।

ड्रोन की खरीद पर महिलाओं को कितनी मिलेगी सब्सिडी (How much subsidy will women get on the purchase of drones):
यदि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ड्रोन खरीदती है तो उन्हें ड्रोन खरीदने के लिए 80 प्रतिशत या अधिकतम 8 लाख रुपए तक की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाएगी। इससे वह बहुत ही सस्ती दर पर ड्रोन खरीद सकेंगी। उदाहरण के लिए यदि ड्रोन की लागत 10 लाख रुपए है तो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को यह ड्रोन 2 लाख रुपए में ही मिल जाएगा। ड्रोन के लिए शेष राशि व्यवस्था महिलाएं लोन से कर सकती हैं। ड्रोन खरीदने के लिए महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर लोन दिया जाएगा। ऐसे में महिलाएं बिना एक भी पैसा खर्च किए ड्रोन खरीदकर कमाई कर सकती है और लोन का पैसा भी आसानी से चुका सकती है। इस तरह यह योजना स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय में बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है।

महिलाएं कहां से ले सकती हैं ड्रोन प्रशिक्षण की ट्रेनिंग (Where can women take drone training):
पिछले दिनों प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च द्वारा स्थापित स्टार्ट अप सोरिंग एयरोटेक लि. इंदौर के विशेषज्ञ ड्रोन प्रशिक्षकों द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 40 महिलाओं को 5 दिवसीय ड्रोन पायलेट का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को यह प्रशिक्षण नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें ड्रोन लाइसेंस प्रदान कर ड्रोन दीदी की उपाधि दी गई। लाइसेंस मिलने के बाद ये ड्रोन दीदीयां प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान के खेतों में ड्रोन से नैनो यूरिया तथा कीटनाशक का छिड़काव करके अपनी आय में बढ़ा सकेंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना या लखपति दीदी योजना की अधिक जानकारी के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क कर सकती हैं।