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Navratri News:  चैत्र नवरात्रि में भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो सकता है भारी नुकसान 

सनातन धर्म के अनुसार नवरात्रि आने वाली है। देश में सभी लोग इसे बड़ी धूमधाम से मनाते है। नवरात्रि में माता रानी को खुश करने के लिए माता रानी का उपवास करते है और पूजापाठ करते है। जिससे माता रानी अपने सभी भक्तों से खुश हो जाती है। 
 
चैत्र नवरात्रि में भूलकर भी न करें ये काम

Navratri News :  सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। सनातन धर्म को मानने वाले लोग नवरात्रि के 9 दिनों तक मां जगत जननी जगदंबा के 9 स्वरूपों की पूजा आराधना करते हैं। नवरात्रि का पर्व साल में चार बार आता है।

जिसमें एक शारदीय नवरात्रि, दूसरा चैत्र नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि जो माघ और आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि के नाम से जाने जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है।

ऐसी स्थिति में आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे की नवरात्रि के दौरान किन-किन बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष बातों पर ध्यान देते हैं। तो इससे मां जगदंबा की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

नवरात्रि के दौरान माता रानी के भक्त माता जगत जननी जगदंबा को प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार के उपाय करते हैं। इसके अलावा नवरात्रि में कुछ बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत भी है।

ऐसा कहा जाता है कि नवरात्रि के दौरान साफ सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा नवरात्रि में तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा, शराब-तंबाकू आदि के सेवन से बचना चाहिए।

अगर आप सच्चे मन से नवरात्रि के दिनों में माता रानी की पूजा आराधना करते हैं तो कई गुना फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि में इन बातों का रखें ध्यान

- नवरात्रि के दौरान साधकों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। साथ ही नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन जैसे शराब, तंबाकू, मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। 

-व्रत के दौरान नाखून, बाल ,दाढ़ी नहीं काटना चाहिए। अगर आप चैत्र नवरात्रि में व्रत हैं तो आपको सिंघाड़ा, साबूदाना ,दूध, आलू और फलों का सेवन करना चाहिए। 

-नवरात्रि में सरसों के तेल और तिल के तेल सेवन करने से बचना चाहिए। मूंगफली अथवा घी का उपयोग कर सकते हैं। 

-इसके अलावा नवरात्रि में रोजाना नमक के सेवन से बचना चाहिए। सेंधा नमक का उपयोग करना चाहिए। 

-पूजा के दौरान साफ और पवित्र कपड़े पहनना चाहिए। चमड़े से बनी हुई चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

इस मंत्र से करें मां दुर्गा को प्रसन्न

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।